हर डायबिटीज से ग्रसित रोगी अन्दर से सड रहा है!
मधुमेह का एकमात्र कारण शरीर में पोटेशियम की कमी का होना है!
रक्त शर्करा के स्तर को स्थिर करना और एक प्रभावी मधुमेह के इलाज से बीमारी को रोका और मौत से बचा जा सकता है.

Type Diabetes

क्या आप मधुमेह के बारे में जानते हैं यदि नहीं.तो जान लीजिए|

*मधुमेह क्या है?

-आजकल के इस भागदौड़ भरे युग में अनियमित जीवनशैली के चलते जो बीमारी सर्वाधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में ले रही है वह है मधुमेह। मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। पहले यह बीमारी चालीस की उम्र के बाद ही होती थी लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है। 

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*मधुमेह कैसे होता है?

-जब हमारे शरीर के पैंक्रियाज में इंसुलिन का पहुंचना कम हो जाता है तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है। इस स्थिति को डायबिटीज कहा जाता है। इंसुलिन एक हार्मोन है जोकि पाचक ग्रंथि द्वारा बनता है। इसका कार्य शरीर के अंदर भोजन को एनर्जी में बदलने का होता है। यही वह हार्मोन होता है जो हमारे शरीर में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करता है। मधुमेह हो जाने पर शरीर को भोजन से एनर्जी बनाने में कठिनाई होती है। इस स्थिति में ग्लूकोज का बढ़ा हुआ स्तर शरीर के विभिन्न अंगों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है।

यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है। मधुमेह ज्यादातर वंशानुगत और जीवनशैली बिगड़ी होने के कारण होता है। इसमें वंशानुगत को टाइप-1 और अनियमित जीवनशैली की वजह से होने वाले मधुमेह को टाइप-2 श्रेणी में रखा जाता है। पहली श्रेणी के अंतर्गत वह लोग आते हैं जिनके परिवार में माता-पिता, दादा-दादी में से किसी को मधुमेह हो तो परिवार के सदस्यों को यह बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा यदि आप शारीरिक श्रम कम करते हैं, नींद पूरी नहीं लेते, अनियमित खानपान है और ज्यादातर फास्ट फूड और मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं तो मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है।

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*बड़ा खतरा!

-डायबिटीज के मरीजों में सबसे ज्यादा मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक से होती है। जो व्यक्ति डायबिटीज से ग्रस्त होते हैं उनमें हार्ट अटैक का खतरा आम व्यक्ति से पचास गुना ज्यादा बढ़ जाता है। शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्मोनल बदलाव होता है और कोशिशएं क्षतिग्रस्त होती हैं जिससे खून की नलिकाएं और नसें दोनों प्रभावित होती हैं। इससे धमनी में रुकावट आ सकती है या हार्ट अटैक हो सकता है। स्ट्रोक का खतरा भी मधुमेह रोगी को बढ़ जाता है। डायबिटीज का लंबे समय तक इलाज न करने पर यह आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा भी हो सकता है।

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*डायबिटीज के कारण

1. ज्यादा मीठा खाना
ज्यादा मीठे का सेवन करने से डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. मीठा खाने से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है.

2. पानी की कमी
कम पानी पीने से शरीर में शुगर का लेवल बढ़ सकता है. जो डायबिटीज को न्योता देता है. 

3. मोटापा हो सकता है कारण
मोटापा भी डायबिटीज का एक कारण है, वजन बढ़ने से हमारे शरीर में बीमारियां घर करने लगती हैं इनमें से एक डायबिटीज भी है.

4. व्यायाम न करना
व्यायाम न करने से शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ जाता है. डॉक्टर भी रोजाना एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं.

5. कम नींद लेना
आजकल की जीवन शैली में हम लोग देर तक जागते हैं और सुबह जल्दी उठ जाते हैं जिससे हमारी नींद पूर नहीं हो पाती और डायबिटीज जैसी बीमारियों के शिकार हो जाते हैं.

6. अनहेल्दी डाइट लेना
जंग फूड खाना, तला भुना खाना भी डायबिटीज का कारण बनता है. साथ ही देर से खाने से भी इसका खतरा बढ़ जाता है.

7.बच्चों को भी चपेट में ले सकता है डायबिटीज
बच्चों का ज्यादा खाने से उनके शरीर मे वसा जमा हो जाती है. साथ ही बच्चे ज्यादा मीठा खाते हैं चाहे वह मिठाई हो या चॉकलेट हो इससे उनके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती है.

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*कहीं आपको तो डायबिटीज नहीं! कैसे पहचाने इसके लक्षण

1. ज्यादा थकान होना
डायबिटीज में आप खुद को थका हुआ महसूस करेंगे. तरोताजा होने पर भी आपको थकान लगेगी तो समझ लीजिए की आप डायबिटीज के शिकार हैं.

2. प्यास ज्यादा लगना
अगर आपको ज्यादा प्यास लग रही है तो आपके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ रही है. 

3. वजन कम होना
अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा है और आपको खुद को थका हुआ महसूस करें तो समझ लीजिए डायबिटीज के लक्षण हैं.

4. ज्यादा भूख लगना
एक नॉर्मल व्यक्ति के मुकाबले डायबिटीज के रोगी को ज्यादा भूख लगती है. साथ अगर आपको अक्सर सर्दी-खांसी जुकाम रहता है तो आप डायबिटीज के लक्षण हो सकते हैं.

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*डायबिटीज़ की समस्या के लिए अब नहीं खानी पड़ेंगी जीवन भर अँग्रेजी दवाईया।

Diabetes की बीमारी से हमेशा के लिये छुटकारा पाने का सबसे पहला प्रकार्तिक उपचार।

जी हा अपने बिल्कुल सही सुना शुगर की समस्या से हमेशा हमेशा के लिये छुटकारा पाने के लिए अब नहीं खानी पड़ेंगी जीवन भर अँग्रेजी दवाईया।दोस्तो आज हमारा यह ब्लॉग लिखना का सिर्फ एक ही मकसद है के हम भी इस नेक कार्य मे अपना योगदान दे कर अपने भारत देश को डायबिटीज़ मुक्त देश बना सके।
इस रिपोर्ट के जरिये आज हम आपको रुबुरु करवाएंगे भारत मे चल रहे मधुमेह के एक मुख्य अभियान के बारे मे।


सालो से पीड़ित मधुमेह के रोग से कोई कैसे एक छोटी सी जड़ीबूटी से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा पा सकता है? यह कैसे संभव है? क्या सच मे अफ्रीका के जंगलो मे एक ऐसी जड़ी बूटी की खोज हुयी है, जो की डायबिटीज़ के पेशंट को पूरी तरह से स्वस्थ कर सकती रिपोर्ट के अनुसार इस जड़ीबूटी का असर इतना प्रभावशाली है के जिन लोगो ने इसका सेवन किया है उनके उनुसर उनकी सालो की शुगर की समस्या मात्र एक साल मे हमेशा के लिये खतम हो गयी और उन्हे अँग्रेजी दवाइयो और इंसुलिन के इंजेकशनो से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया।आये जाने कुछ ऐसे ही लोगो का अनुभव जिनका मानना है के हर्बलमधुनाशनी पाउडर ने उन्हे डायबिटीज़ मुक्त एक नया जीवन प्रदान किया है।

पिछले कुछ महीनो से इस आश्चर्यजनक जड़ीबूटी हर्बलमधुनाशनी पाउडर से हमारे पाठक बहुत ही उत्तेजित हो रहे है जो की बड़े ही आसान तरीके से मधुमेह के रोगियो का शुगर का लेवेल बिल्कुल नॉर्मल कर रही हैI इस असरदार जड़ीबूटी का असर क्यी जानेमाने दवाई निर्माता कंपनियो पर पड़ा है, जो की जनता की आँखों में धुल झोंक रहे थेआज डायबिटीज़ यानि शुगर की समस्या लगातार हमारे देश मे बढ़ती ही जा रही है और इस बात से बिल्कुल भी इन्कार नहीं किया जा सकता के Medical Science के पास इसका कोई भी कारगर ईलाज नहीं हैआज Diabetes जैसी भयानक बीमारी के नाम पर पेशंट को जीवन भर खिलायी जा रही है केमिकल युक्त अँग्रेजी दवाईया ओर जब इससे भी कम ना बने तो पेशंट को गुजरना पड़ता है एक दर्दनाक स्थिति से जिसमे उसको लेने पड़ते है रोजाना इंसुलिन के इंजेकशन।

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आज हमारे देश को कैपिटल ऑफ Diabetes भी कहा जा रहा है। इसका मुख्य कारण है हमारी जीवनशेली और हमारा खानपान।
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कंपनी के मुताबिक इस जड़ीबूटी मे कुदरती तोर से ऐसे रसायन पाये गए है जो मधुमेह के रोगी के पैंक्रियास नामक अंग को दुबारा से स्वस्थ करता है। इस जड़ीबूटी को दिन मे दो बार सेवन करने से हमारे शरीर मे pancreas नामक अंग धीरे धीरे स्वस्थ होने लगता है और उचित मात्रा मे दुबारा से इंसुलिन बनाने लगता है। जिससे मधुमेह के रोगी का शुगर लेवेल बिलकुल नॉर्मल हो जाता हआज के समय मे ऐसे कई प्रॉडक्ट मार्केट मे बिकते है जो लोगो को बेवकूफ बनाते है। और बहुत सी कंपनीया अपने प्रॉडक्ट को लेकर बड़े बड़े दावे करती है और यह दावे जनता की उम्मीद पर खरे नहीं उतरते यकीन मानिये कंपनी से बात करने के बाद भी, हम भी अभी तक इस बात पर पूरी तरह से यकीन नहीं कर पा रहे थे, के सच मे कोई ऐसे पेड़ की खोज हुयी है के जिसकी लकड़ी का पाउडर पीने से ही मधुमेह का रोगी बिलकुल रोगमुक्त हो सकता है और शुगर जैसी खतरनाक बीमारी से हमेशा हमेशा के लिये छुटकारा पा सकता हैइसलिए अपने यकीन को ओर पक्का करने के लिये हमने उन लोगो से मिलने का फैसला किया जो लोग इस जड़ीबूटी का इस्तेमाल कर रहे थे और रोजाना हमे ईमेल भेज रहे थे के हम इस सच्चाई को जनता तक पहुंचाये।खोज को आगे बड़ाते हुवे हमारी रिसर्च टीम देश के अलग अलग शहरों मे उन लोगो से मिलने पहुंची जो लोग इस बात का दावा कर रहे थे के हर्बलमधुनाशनी जड़ीबूटी पाउडर का इस्तेमाल करके उन्हे डायबिटीज़ जैसी खतरनाक बीमारी से हमेशा हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया। और यकीन मानिये हमारी टीम को उस समय बहुत ही आश्चर्ये हुवा जब उन्हे पता चला के बहुत से बॉलीवुड स्टार भी अपनी डायबिटीज़ की समस्या के लिए इसी हर्बलमधुनाशनी प्रॉडक्ट का इस्तेमाल कर रहे है।

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इतने सारे लोगो से मिलने के बाद जिनहोने इस हर्बल मधुनाशनी नामक जड़ीबूटी का सेवन किया है और हर्बल मधुनाशनी के सेवन से वोह पूरी तरह से डायबिटीज़ मुक्त हो गए हमे पूरी तरह से यकीन हो गया के यह जड़ीबूटी सच मे शुगर के रोगी के लिए किसी संजीविनी बूटी से कम नहीं।


दोस्तो लोगो के अनुभवो को जानने के बाद अब हमारी इस बात की झिज्ञासा और बढ़ गयी के आखिर इस जड़ीबूटी को खोजने वाला वोह नेक इंसान कोन है जिसने अफ्रीका के जंगलो मे इसकी खोज की है। क्यी दिनो की छानबीन के बाद हमे पता चला के केरला के छोटे से हरिपद नामक गाँव मे जनम लेने वाले डॉ दत्ता ने इस हर्बलमधुनाशनी नामक जड़ीबूटी की खोज की है। दोस्तो इससे पहले के हम आपको डॉ दत्ता के बारे मे जानकारी दे यहा हम आपको बताना चाहेंगे के डॉ.दत्ता की इस आश्चर्यजनक खोज के बाद क्यी बड़ी बड़ी दवा निर्माण कंपनियां इस कार्य मे पूरी तरह से जुटी हुयी है के किसी भी तरह से इस जड़ीबूटी को हमेशा हमेशा के लिये हमारे देश मे प्रतिबंधित कर दिया जाए क्यूकि इस जड़ीबूटी की वजह से बहुत सारी दवा निर्माण कंपनियां को करोड़ो रुपये का नुकसान होने की आशदोस्तो इससे पहले कि बड़ी बड़ी दवाई निर्माण कंपनियां इस हर्बलमधुनाशनी नामक जड़ीबूटी को हमारे देश मे प्रतिबंध करवा दे उससे पहले ही आप इसका फायदा उठा ले और इस हर्बलमधुनाशनी नामक जड़ीबूटी को मँगवा कर और इसका इस्तेमाल करके आप भी शुगर जैसी खतरनाक बीमारी से हमेशा हमेशा के लिये छुटकारा पा ले।ंका है।

डॉ दत्ता से उनकी खोज के बारे जानकारी लेने आयी एक विदेशी महिला पत्रकार।
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दोस्तो डॉ. दत्ता का जनम केरला में हरिपद नामक गाँव में हुवा था। बचपन से उनका सपना था के वोह अपने देश के लिए कुछ कर सके उनके पिता जी स्कूल मे टीचर की नौकरी करते थे। 32 वर्ष की आयु में डॉ. दत्ता के पिता जी को मधुमेह की समस्या हो गयी, ओर मधुमेह की समस्या की वजह से मात्र 42 साल की उम्र मे ही उनके पिता जी का देहांत हो गया।

डॉ. दत्ता अपने पिता जी के बहुत ही करीब थे। पिता जी का देहांत होने के बाद डॉ. दत्ता के जीवन का एक ही लक्ष्य था के जिस मधुमेह की बीमारी की वजह से उनहोने अपने पिता जी को खोया है उस बीमारी की वजह से कोई भी इंसान अपने परिवार के किसी भी सदसय को ना खोये, बस इसी लक्ष्य ने उनके जीवन मे एक ऐसी क्रांति ला दी के वोह दिन रात बस इसी खोज मे लग गये के कैसे मधुमेह के पेशंट को उसकी बीमारी से हमेशा के लिए छुटकारा दिलाया जाये।

कुछ सालो की खोज के बाद डॉ दत्ता को एक बात तो समझ मे आ गयी के अल्लोपथी मे इस बीमारी का कोई भी कारगर इलाज नहीं है।
इस लिये डॉ दत्ता ने आयुर्वेद मे गहरी क्षोद शुरू कर दी।
क्यी सालो की रिसर्च के बाद भी जब डॉ दत्ता को सफलता नहीं मिली तो डॉ दत्ता का जीवन निराशा मे डूबने लगा।

लेकिन उन्होने हिम्मत नहीं छोड़ी और वोह डट्टे रहे।एक दिन अपनी रिसर्च के दोहरान ही डॉ दत्ता की मुलाक़ात एक अफ्रीकन Abioye नामक युवक से हुयी। Abioye ने डॉ दत्ता को बताया के वोह भी मधुमेह जैसी खतरनाक बीमारी को जड़ से खतम करने का कोई उपचार ढूंढ रहा है और वोह भी पिछले 8 सालो से लगातार इसी बीमारी पर रिसर्च कर रहा है।

उसने डॉ दत्ता को बताया की पिछले साल उसे एक ऐसी आदिवासी प्रजाति के बारे मे पता लगा था जो की अफ्रीका के गहरे जंगलो मे रहते है ओर उन आदिवासी प्रजाति वालो को उनके पुरवजओ ने एक ऐसे पेड़ के बारे मे जानकारी दी थी जिसकी छाल मे ऐसे ओषधिये गुण पाये जाते है जो की Diabetes जैसी खतरनाक बीमारी को जड़ से खतम कर सकते है।Abioye की इस बात को सुनते ही डॉ दत्ता के मन मे उम्मीद की एक नयी किरण उठी।

डॉ दत्ता ने Abioye से प्रशन किया के वोह अभी तक उस प्रजाति से क्यू नहीं मिला। Abioye ने जवाब दिया उससे लगा वोह भी एक कहानी ही होगी इसलिए उसने इस बात पर ज्यादा गोर नहीं किया।

लेकिन डॉ दत्ता एक छोटी सी उम्मीद को भी छोड़ना नहीं चाहते थे। येही उम्मीद की किरण डॉ दत्ता को अफ्रीका ले गयी और 2 साल की दिन रात की मेहनत के बाद डॉ दत्ता को आखिरकार सफलता हासिल हुयी।उन्होने उस पेड़ को खोज ही लिया जिसके बारे मे Abioye ने डॉ दत्ता को जानकारी दी थी। पेड़ की खोज होते ही डॉ दत्ता ने उस पर रिसर्च शुरू कर दी।

एक साल की रिसर्च के बाद डॉ दत्ता के सामने जो नतीजे आए उन्हे देख कर डॉ दत्ता खुशी से छूम उठे। क्यी सालो की डॉ दत्ता की मेहनत सच मे रंग लायी। डॉ दत्ता को सच मे एक ऐसे पेड़ के बारे मे पता चल चुका था जिसकी लकड़ी मे ऐसे ओषधिये गुण थे जो के शुगर के पेशंट को पूरी तरह से स्वस्थ कर सकती है।रिसर्च की Positive नतीजो के तुरंत बाद ही डॉ दत्ता ने इस जड़ीबूटी को लोगो तक पहुंचाने के लिए एक सही कंपनी का चुनाव किया जो की डॉ दत्ता के इस नेक कार्य उनका साथ देना चाहती थी। कंपनी और डॉ दत्ता ने इस जड़ीबूटी को नाम दिया हर्बलमधुनाशनी यानि के मधुमेह का नाश करने वाली।

डॉक्टर दत्ता द्वारा खोजा गया अफ्रीका के जंगल मे हर्बलमधुनाशनी का पेड़ एवं अन्य दुर्लभ जड़ीबूटिया
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*Enicostema Littorale
*Picrohirrza Curroa
*Tinospora Cordifolia
*Eugenia Jambalena
*Swirtia Chireta
*Hollarhenna Antidysenterica
*Eagal Marmelos
*Momordica Charentia
*Azadirecta Indica
*Trigonela Finam
*इस कड़वी जड़ी बूटी का उपयोग अनियंत्रित शर्करा के स्तर सहित कई बीमारियों के इलाज के लिए पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता है
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*उपयोग के लिए निर्देश.

इसे उस करनेका तरीका बिलकुल आसान है आप को रोजाना आधा चमच पाउडर पानी के साथ लेना हे

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*हर्बल पाउडर के लाभ

हर्बल पाउडर नियमित सेवन करने से अग्न्याशय (Pancreas) उचित मात्र मे इंसुलिन बनाना शुरू कर देता है।

हर्बल पाउडर का सेवन करने से शुगर का लेवल नियंत्रित होता है।

इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक (Immunity) क्षमता मे वृद्धि होती है।

इसका सेवन Diabetes से किडनी और लिवर को होने वाले दुष्टप्रभाव से बचाता है।

Diabetes के कारण पुरुषो मे आई कमजोरी को दूर करता है।

हर्बल पाउडर का सेवन करना जितना आसान है उतना ही Diabetes मे लाभकारी है।

*हर्बल पाउडर का परिचय |

*हर्बल पाउडर का सेवन करने से मधुमेह के रोगी को लाभ न हो ऐसा हो ही नहीं सकता है। हर्बल पाउडर 100% प्रकृतिक है इसमे किसी भी तरह की कोई अन्य सामग्री की कोई मिलावट नहीं की गई है।

जैसा हम आपको पहले ही बता चुके है की हर्बल पाउडर 100% प्रकृतिक है। इसलिए इसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं है। इसका सेवन करना भी आसान है। इसकी कीमत भी काफी कम रखी गई है ताकि सभी को इसका लाभ मिल सके।

अंत मे इसमे किसी भी प्रकार का कोई ऐसा तत्व नहीं है जो हानिकारक हो इसलिए आप इसे बिना किसी संकोच के इसका सेवन कर सकते है।

हर्बल पाउडर का सेवन आपको जीवन भर नहीं करना पड़ता है इसका सेवन आपको तभी तक करना होता है जब तक अग्न्याशय (Pancreas) पूरी तरह से स्वस्थ्य न हो जाए।

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